मिर्जापुर का ऐसा बंदर जिसे उम्र कैद की सजा देनी पड़ी | Kalua Monkey Story Kalua Monkey Story

Kalua Monkey Story in Hindi

 बंदर शरारती स्वभाव के होते हैं ये तो हम सभी जानते है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बंदर के बारे में बताने जा रहे है जो सिर्फ शरारती ही नहीं बल्कि बहुत गुस्सैल और खूंखार भी था जिस वजह से पहला ऐसा बंदर बनाया जिसे उम्र कैद की सजा देनी पड़ी। इस बंदर का नाम कलुआ (Kalua) था जो उत्तरप्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में रहता था। Kalua बंदर किसी से भी नहीं डरता था और किसी पर भी हमला कर देता था इसीलिए मिर्जापुर पर इसका आतंक फैला हुआ था। दूसरों पर हमला करने के साथ ही इसमें शराब पीना और मांस खाने जैसी बुरी आदतें भी थी।


कलुआ के बारे में लोगों का कहना हैं की इसे बचपन से ही एक तांत्रिक ने पाला था और वह इसे खाने के लिए शराब और मांस देता था लेकिन ज़ब तांत्रिक की मौत हो गयी तो कलुआ अकेला पड़ गया और उसे शराब और मांस नहीं मिलने की वजह से वह ज्यादा गुस्सैल हो गया। इसके बाद कलुआ ने मिर्ज़ापुर शहर में अपना आतंक फैला दिया और लोगों पर हमला करने लगा, कलुआ ने अबतक 250 से ज्यादा लोगों को जख्मी किया था जिसमें से 1 की मौत भी हो गयी थी। बहुत सी बच्चियों के चेहरे को तो कलुआ ने इतनी बुरी तरह जख्मी किया था की उन्हें प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी थी।

ज़ब शहर में कलुआ का आंतक बहुत ज्यादा फैलने लगा तो इसे पकड़ने के लिए वन विभाग को बुलाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कलुआ ने एक बंदरिया को अपनी रखवाली के लिए रखा था जो कुछ भी खतरा महसूस होने पर कलुआ को सुचना दे देती थी। हालांकि काफ़ी मेहनत के बाद वन विभाग ने कलुआ को पकड़ लिया और उसे पिंजरे में डाल दिया। इसके बाद कुछ महीनो तक पिंजरे में ही उसकी हरकतों पर नजर रखी गयी और उसे सुधारने की कोशिश की गयी लेकिन उसकी हरकतों में कुछ भी बदलाव नहीं आया। पिंजरे में कलुआ को 3 साल बीत गए लेकिन फिर भी उसकी हरकतें बिल्कुल भी नहीं बदली वह अभी भी लोगों को काटने के लिए दौड़ता था और दूसरे बंदरों के साथ रखने पर उनसे भी मारपीट करने लगता था। कलुआ की हरकतों में बदलाव ना आने के कारण अधिकारीयों ने इसे पूरी उम्र कारावास में ही रखने का फैसला किया क्यूंकि बाहर छोड़ने पर ये फिरसे लोगों पर हमला करने लग जाता। कलुआ पहला ऐसा बंदर बन गया था जिसे उम्र कैद की सजा देनी पड़ी।

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